जब हिन्दुओ का मुसलमानों द्वारा नरसंहार किया जा रहा था तब गाँधी उपवास कर रहे थे : प्रशांत पटेल



आजकल उपवास की राजनीती चल रही है, और नेता कह रहे है की गाँधी भी उपवास करते थे, गाँधी के जैसे हम भी उपवास कर रहे है, ये नेता गाँधी वादी बन रहे है, पर असल बात ये है की गांधीवाद हिन्दुओ के लिए बहुत ही ज्यादा भारी पड़ा था, और करोडो हिन्दुओ को मरना पड़ा था, बेघर होना पड़ा था, लूटना पड़ा था, और अंततः देश के टुकड़े टुकड़े हो गए थे, गांधीवाद देश को एक रखने में नाकामयाब रहा ये ऐतहासिक तथ्य है, गांधीवाद से देश एकजुट नहीं रह पाया, देश के टुकड़े हो गए 

राष्ट्रवादी वकील प्रशांत पटेल ने आज कथित महात्मा मोहनदास गाँधी और उनके उपवास राजनीती पर तीखा कटाक्ष किया, हुआ ये की मोहनदास गाँधी ने भी देश के टुकड़े टुकड़े करने की मंजूरी दे दी, और उसके बाद लोग इधर उधर जाने लगे, पर पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान से जो ट्रेन आती थी उसमे 90% हिन्दू और सिखों की लाशें ही होती थी, ट्रेन भर भर कर दिल्ली पंजाब में लाशें पहुँचती थी, लोग ये देखकर आक्रोशित होते थे, लाहौर और कराची, ढाका की गलियों में हिन्दुओ न बहुत बड़े पैमाने पर नरसंहार किया गया, हिन्दू महिलाओं को कैद कर लिया गया, बलात्कार और हत्या से देश जल रहा था

जब ये बंद नहीं हुआ तो यहाँ भारत में भी हिन्दुओ और सिखों ने जवाब देना शुरू कर दिया, फिर क्या था तब हिन्दुओ और सिखों को रोकने के लिए मोहनदास गाँधी उपवास पर बैठ गए, मुस्लिमो को रोकने के लिए गाँधी ने कोई उपाय नहीं किया पर जब हिन्दू और सिख जवाब देने लगे तो कथित महात्मा उपवास पर बैठ गए, और वहां हिन्दुओ का नरसंहार चलता रहा, 30 लाख के आसपास हिन्दू मार दिए गए 

विभाजन के समय जब मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं का नरसंहार हो रहा था तब भी मोहनदास गांधी उपवास कर रहे थे।

— Prashant P. Umrao (@ippatel) April 12, 2018


गाँधी की पूरी राजनीती हिन्दुओ पर बहुत भारी पड़ी और देश पर भी, पहली चीज तो ये की इस राजनीती से देश का भला नहीं बल्कि देश के टुकड़े हुए, ये गांधीवाद की राजनीती देश के टुकड़े होने से नहीं रोक पाई, दूसरी तरफ 30 लाख हिन्दुओ का भी कत्लेआम हो गया, जिसकी जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली, गांधीवाद से देश और हिन्दुओ का बहुत नुक्सान हुआ, और आज भी लोग जब गांधीवाद से चलने की बात करते है, तो देश के टुकड़े होने की घटनाएं याद आ जाती है