Anurag Muskan on Priyanka Vadra
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मैं तो कहता हूँ प्रियंका मोदी के खिलाफ वाराणसी से लडे चुनाव, ताकि उनकी भी गलतफहमी हो जाये दूर : अनुराग मुस्कान

बिकाऊ मीडिया लगी हुई है प्रियंका वाड्रा की हवा बनाने में, जबकि प्रियंका की नहीं है कोई राजनितिक हैसियत

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पहले आपको बता दें की साल 2017 में यूपी में विधानसभा के चुनाव हुए थे, प्रियंका वाड्रा ने अमेठी और रायबरेली दोनों जगहों पर कांग्रेस की कमान को संभाला था, और अमेठी और राय बरेली में कांग्रेस सिर्फ 2 सीट जीत सकी थी, बाकि सभी सीटों पर बीजेपी ने जीत हांसिल की थी

इस से आपको प्रियंका वाड्रा की राजनितिक हैसियत का अंदाजा लगा लेना चाहिए, पर बिकाऊ मीडिया हवाबाज मीडिया लगा हुआ है प्रियंका वाड्रा को स्टार बनाने में

इस बिकाऊ मीडिया को कमजोर भी नहीं समझना चाहिए, इस दलाल मीडिया ने केजरीवाल जैसे शख्स को भी नेता बना दिया, जिसने ईमानदारी को ही कलंकित करके रखा हुआ है

प्रियंका वाड्रा की कोई राजनितिक हैसियत नहीं है, और असल जानकारी तो आपको सुब्रमण्यम स्वामी से लेनी चाहिए, जिन्होंने प्रियंका वाड्रा पर कहा था की ये पप्पू से भी ज्यादा पप्पू है, डॉ स्वामी इन लोगो को अच्छे से जानते है क्यूंकि एक समय वो राजीव गाँधी के काफी करीबी थे, तब प्रियंका और राहुल गाँधी बड़े हो रहे थे, डॉ स्वामी को इनकी अच्छी पहचान है

अभी कुछ दिनों से बिकाऊ मीडिया प्रियंका की हवा बनाने को लेकर फेकम फेंक में लगा हुआ है, और प्रियंका वाड्रा को दलालों में मोदी के लेवल का नेता बताना शुरू कर दिया है

हवाबाज मीडिया, पैसा खाकर रिपोर्टिंग कर रही मीडिया हवा और अफवाह बना रही है की प्रियंका वाड्रा के आने से राजनीती ही बदल जाएगी और प्रियंका वाराणसी में मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी

कहते है न की जह्यां बहुत गन्दगी होती है, वहां पर कुछ लोग ठीक भी होते है, ऐसे में दलाल मीडिया के बीच में कुछ ऐसे भी लोग है जो सच कहने की हिम्मत करते है और एक ऐसा ही नाम है अनुराग मुस्कान का

देखिये उन्होंने क्या कहा

अनुराग का कहना है की – प्रियंका वाड्रा को तो जरुर ही मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ ही लेना चाहिए, ताकि उनकी भी गलत फहमी दूर हो जाये, क्यूंकि ज्यादा दिनों तक गहतफहमी को रखना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता है

प्रियंका खुद को मोदी की लेवल का नेता समझती है तो वो जरुर मोदी के खिलाफ चुनाव लडे, ताकि दुनिया भी देख ले की मॉडर्न इंदिरा मोदी से कितने लाख वोटों से हारती है