Bad news for Akhilesh Yadav
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सपा प्रवक्ता ने टीवी पर कहा – अखिलेश ने मायावती से हाथ मिलकर हमारा भाव ही गिरा दिया, मिटटी पलीद करवा दी

सपा प्रवक्ता ने कहा की – अकेले चलते तो हमे ज्यादा भाव मिलता, अब मज़बूरी में मायावती का गुणगान करना पड़ रहा

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मीडिया आपको बता रही है की यूपी में बीजेपी के लिए अब बहुत मुश्किल हो गया है, क्यूंकि अखिलेश और मायावती ने हाथ मिला लिया है, और दोनों के मिल जाने से उनका वोट प्रतिशत ज्यादा हो जाता है और बीजेपी के लिए मुश्किल हो जाता है

यूपी बिहार की राजनीती इतनी सिंपल होती तो क्या कहने, मीडिया जो वोट प्रतिशत जोड़ रही है तो पिछले चुनाव का है, जब मायावती और अखिलेश दोनों एक थे, और एक दुसरे को गाली देकर राजनीती करते थे

मीडिया सोच रही है की दोनों के एक हो जाने से दोनों का वोटर भी एक दुसरे को वोट देगा, यही जाहिल मीडिया गलती कर रही है, क्यूंकि असल में होने वाला है उल्टा

किसी भी पार्टी के लिए उसका नेता तो महत्व्यपूर्ण होता ही है, पर जिस दिन वोटिंग होती है, उस दिन नेता नहीं कार्यकर्त्ता, बूथ लेवल कार्यकर्त्ता सबसे महत्व्यपूर्ण होता है, वो घर घर जाकर टोली बनाकर लोगो को लाता है वोटिंग करवाने

जिस पार्टी का बूथ कार्यकर्त्ता ही दुखी, हताश या नाराज हो, उस पार्टी को कोई नहीं जीता सकता और देखिये सपा का क्या हाल है

सपा के एक विधायक पहले ही मायावती से गठबंधन पर नाराजगी जाहिर कर चुके है और लाइव टीवी पर ही सपा का प्रवक्ता दबे सवर में इसका विरोध कर रहा है

सपा प्रवक्ता का कहना है की अखिलेश ने तो हमारा भाव ही गिरा दिया, मायावती से हाथ मिला लिया, हम अगर अकेले चलते तो हमे ज्यादा भाव मिलता

असल में अब सपा के कार्यकर्त्ता को मायावती की भी तारीफ करनी पड़ रही है, जो उसके लिए नेचुरल नहीं है, और साथ ही बसपा का भी ये ही हाल है, गाँव में उसके कार्यकर्त्ता जाते है तो मायावती के अलावा उनको अखिलेश की तारीफ भी करनी पड़ती है जो बसपा के कार्यकर्त्ता के लिए भी नेचुरल नहीं है

दोनों की पार्टी के नेताओं ने फैसला तो कर लिया, पर इनके कार्यकर्ताओं को मज़बूरी में ही अब काम करना पड़ रहा है, वो मन से काम नहीं कर रहे, और ये ही चीज सपा और बसपा दोनों का बेडागर्ग करेगी, इनके गठबंधन से उल्टा बीजेपी को ज्यादा फायदा हो सकता है

क्यूंकि कार्यकर्त्ता निराश है तो कुछ ऐसे भी है जो गुस्से में है, तो जहाँ सपाई उम्मीदवार होगा वहां बसपा का पारंपरिक वोटर बीजेपी की तरफ झुक जाये, और जहाँ बसपाई उम्मीदवार होगा वहां सपा का पारंपरिक वोटर बीजेपी की तरफ झुक जाये तो कोई बड़ी चीज नहीं, और सपा के इस प्रवक्ता ने जिस तरह लाइव टीवी पर बातें कही उसने साफ़ कर दिया की कार्यकर्त्ता नाराज है