Gandhi is Above Law ?
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क्या गाँधी कानून और संविधान से ऊपर है ? गाँधी से असहमति नहीं जताई जा सकती ? कहा है अभिव्यक्ति की आज़ादी ?

गाँधी से क्या सहमत होना ही होगा, क्या गाँधी के पुतले को जलाने पर फांसी पर लटका दिया जायेगा ?

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आज देश के तमाम दोगले लोगों का असली चेहरा सामने आ गया, आज 30 जनवरी है आज ही के दिन महात्मा नाथूराम गोडसे ने मोहनदास गाँधी का वध किया था

आज देश भर के सेकुलरों ने मोहनदास गाँधी को देश का बाप घोषित कर दिया, और बापू, राष्ट्रपिता से पूरा सोशल मीडिया भर गया, राष्ट्रपिता ? क्या मोहनदास गाँधी भारत माता का बाप था ? क्या भारत देश को गाँधी ने पैदा किया था ?

भारत देश हजारों साल पुराना देश है, सब इस देश के पुत्र है, कोई इस देश में पैदा होकर इस देश का पिता नहीं हो सकता, पर सेकुलरों ने गाँधी को राष्ट्रपिता बनाया हुआ है

आज हुआ ये की हिन्दू महासभा ने एक कार्यक्रम किया और आज गाँधी के पुतले को हिन्दू महासभा की एक नेता ने एयर गन से गोली मारी

इस घटना पर देश के सेक्युलर बिलबिला गए और हिन्दू महासभा के नेता के खिलाफ सबने एक सुर में आतंकवाद छेड़ दिया

दलाल मीडिया ने खूब रोना रोया, पहले आपको स्पष्ट बता दें की हिन्दू महासभा के नेता ने एयर गन का इस्तेमाल किया न की असली गन का

आपने भी मेले में खूब गुब्बारे फोड़े होंगे, वही एयर गन छर्रे वाली, इसके लिए कोई लाइसेंस की जरुरत नहीं, आप भी खरीद सकते है, और इस्तेमाल कर सकते है, एयर गन से किसी पुतले को गोली मारना कोई कानूनन अपराध नहीं है

दूसरी सबसे बड़ी चीज ? क्या गाँधी से सबको सहमत होना ही होगा ? क्या तानाशाह था गाँधी की सबको उसकी हां में हां मिलानी ही है ?

इस देश में संविधान है और कानून है, सबको अभिव्यक्ति की आज़ादी है, अगर कोई गाँधी से असहमत है तो उसका पुतला जला सकता है, उसके पुतले पर एयर गन से गोली चला सकता है

आप इस देश में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या जिसका चाहे उसका पुतला अपने स्थान पर जला सकते है, गाँधी कोई संविधान से कानून से ऊपर नहीं जिसका पुतला नहीं जलाया जा सकता, या उस से असहमत नहीं हुआ जा सकता

पर देश के सेकुलरों ने अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी का इस्तेमाल कर रही हिन्दू महासभा की नेता के खिलाफ जहर वाला आतंकवाद ही छेड़ दिया, और अपनी असली आतंकी मानसिकता का परिचय दे दिया