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3 साल से CBI के सामने नहीं आ रहा था राजीव कुमार, अब आना पड़ेगा, पर मोमता बोली – हम जीत गया

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आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मोमता ने प्रेस कांफ्रेंस कर के कह दिया की सीबीआई बनाम कोलकाता कमिश्नर मामले में हम जीत गया

मोमता ने इसे अपनी जीत बता दी, वैसे मोमता के इस दावे पर हमे बहुत हंसी आई, क्यूंकि असल में कौन जीता वो आप ये छोटा सा लेख पढ़कर खुद तय कीजिये

मोमता ने चिट फण्ड घोटाले की जांच के लिए SIT बनाई थी जिसका मुखिया था कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार, पर उसने सबूतों को मिटाया और चिट फण्ड घोटालों में कोई न्याय नहीं हुआ

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसकी जांच सीबीआई ने शुरू की, सीबीआई ने पिछले 3 साल में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने की कोशिश की

पिछले 3 साल में सीबीआई ने कई बार उसे सामने आने को कहा, सीबीआई उस से सबूतों को लेकर जानकारी चाहती थी, पर राजीव कुमार सीबीआई के सामने कभी नहीं आया

पिछले दिनों सीबीआई के बार बार कहने पर भी राजीव कुमार नहीं आया तो सीबीआई ने उसके खिलाफ एक्शन लेने का मन बनाया तो वो गायब/फरार हो गया

उसके बाद सीबीआई उसके घर पहुंची तो मोमता ने सीबीआई पर पुलिस से हमला करवा दिया, सीबीआई का दफ्तर घेरवा दिया, CRPF भेजकर सीबीआई को आजाद करवाया गया

ये जो भी कुछ हुआ वो सिर्फ इसलिए ताकि किसी भी तरह से सीबीआई राजीव कुमार से पूछताछ न कर सके, मोमता किसी भी कीमत पर राजीव कुमार को सीबीआई के सामने नहीं आने देना चाहती थी, और कल तो ये भी कहा था की मैं जान देने, मरने को भी तैयार हूँ

आज कोर्ट ने क्या आदेश दिया – राजीव कुमार को सीबीआई के सामने आना होगा, वो भी जब जब सीबीआई बुलाएगी तब तब और वो भी कोलकाता में नहीं, अब राजीव कुमार को बंगाल से बाहर शिलोंग में जाकर सीबीआई के सामने हाज़री लगानी होगी

यानि सीबीआई जो चाहती थी वो सीबीआई को मिला, और राजीव कुमार जो सीबीआई के सामने नहीं आना चाहता था उसे सीबीआई के सामने आना होगा, पेश होना होगा, हाज़री लगानी होगी, अब आप स्वयं तय कीजिये की कौन जीता

सीबीआई को मिल गया राजीव कुमार और मोमता की हो गयी है बुरी हार, पर मोमता का कहना है की वो जीत गया, असल में मोमता की हवा बहुत टाइट है क्यूंकि राजीव कुमार के बाद अगला नंबर उसके भतीजे का हो सकता है, और भतीजे का नंबर लगा तो मोमता का राजनितिक खेल ही ख़त्म