Hindi became third language in UAE Courtsअच्छी खबर

UAE की अदालतों में इस्तेमाल होने वाली तीसरी भाषा बनी हिंदी, बढ़ रहा विश्व में हिन्द और हिंदी की ताकत

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दुनिया में अमेरिका का काफी असर है, क्यूंकि अमेरिका ताकतवर है, रूस का भी असर है और चीन का भी, असल में असर होता है ताकत का

और अब भारत भी ऐसे देशों में शामिल हो रहा है जिनका असर दुनिया में पड़ रहा है, वैसे भारत को पहले ही असरदार देश बन जाना चाहिए था पर यहाँ जो सरकारें रही उन्होंने तो चीन को पहले परमाणु शक्ति बनने दिया, सुरक्षा परिषद् में चीन को स्थान दे दिया, ऐसा पाप नेहरु ने किया था

मोदी सरकार में भारत की छवि बदली है, और ये छवि इसलिए बदली है क्यूंकि भारत मजबूत हुआ है, चाहे वो आर्थिक तौर पर हो या फिर भारत ने जो पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था, भारत की छवि दुनिया में मोदी सरकार के दौरान काफी बदली है मजबूत हुई है

अब एक बड़ी खबर UAE से आ रही है जो स्पष्ट कर रही है की भारत की ताकत, भारतीयों की ताकत किस कदर बढ़ रही है

खबर ये है की UAE की अदालतों में अब हिंदी का भी इस्तेमाल होगा, UAE की अदालतों में अबतक सिर्फ 2 भाषा का इस्तेमाल होता था, पहला अरबी जो की स्थानीय भाषा है, और दूसरी भाषा थी अंग्रेजी, पर अब इन दोनों के अलावा हिंदी का भी इस्तेमाल UAE की अदालतों में होगा

UAE में भारतीय लोग काफी है, और वो UAE की इकॉनमी में भी बड़ा रोल अदा कर रहे है, ऊपर से भारत में मोदी सरकार जैसी ताकतवर और प्रभावी सरकार है और इसी कारण अब UAE की अदालतों में हिंदी के भी इस्तेमाल की खबर आ गयी है

Hindi became third language in UAE Courts

Hindi became third language in UAE Courts

UAE की मीडिया “द-नेशनल” की खबर के अनुसार अबू धाबी के कोर्ट सिस्टम में हिंदी तीसरी भाषा बन गयी है जिसका इस्तेमाल किया जायेगा ऐसा फैसला इसलिए किया गया है की इलाके में रहने वाले और हिंदी जानने वाले लोगो को कोर्ट के केसों में आसानी हो

पहले लोगो को अंग्रेजी और अरबी से हिंदी में फैसलों को ट्रांसलेट करना पड़ता था जिसमे उनको कई बार असुविधा होती थी, इसी कारण ये फैसला लिया गया है की अदालतों के फैसले हिंदी में ही लिखवाए जाए जो की सीधे लोगो तक पहुंचे और उन्हें आसानी हो

अभी हिंदी की सुविधा सिर्फ अबू धाबी के अदालतों में मिलेगी, पर 2021 तक पुरे UAE की अलादतों में हिंदी को भी लागू कर दिया जायेगा जिस से पुरे UAE में हिंदी का इस्तेमाल अदालती कार्यवाही में होगा

माना जा रहा है की UAE ने ये फैसला भारत को भी खुश करने के लिए और भारत से भी मजबूत रिश्तो को कायम करने के लिए लिया है, UAE समझता है की आने वाले समय में भारत की इकॉनमी बहुत मजबूत होगी और UAE के पास भारत जैसा मित्र देश होगा तो उसे भी कई तरह के लाभ मिलेंगे, और इसी कारण UAE भारत और भारतीयों को खुश करने में लगा हुआ है, और इसी के तहत अदालतों में हिंदी की शुरुवात कर दी गयी है