राफेल डील के पीछे रूस ?
राफेल डील के पीछे रूस ?
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गंभीर : रूस के इशारे पर राहुल गाँधी चला रहे राफेल पर झूठ बवाल, रूस रुकवाना चाहता है राफेल डील !

रूस के साथ पिछले दिनों मोदी ने 40 हज़ार करोड़ की s-400 मिसाइल डील की थी, उसपर राहुल गाँधी है चुप

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ये एक सच है की राफेल पर राहुल गाँधी के पास कुछ भी नहीं है, क्यूंकि इस डील में मोदी सरकार ने कोई भ्रष्टाचार किया ही नहीं है

राहुल गाँधी तो फर्जी मीडिया के सहारे बवाल को चला रहे है, वो किसी भी कीमत पर इस डील को रुकवाना चाहते है, या फिर सत्ता में आकर इस डील को रोकना चाहते है

राहुल गाँधी जिस तरह की हरकतें कर रहे है उस से शक गहराता है की इसके पीछे कौन है, ऐसी कौन सी शक्तियां है जो की नहीं चाहती की भारत के पास राफेल जैसा लड़ाकू विमान आये

भारत के पास लड़ाकू विमान न आये, भारत की सेना न मजबूत हो, ऐसा चाहने वाले दुनिया में कई देश है, जिनमे पाकिस्तान और चीन प्रमुख है, ये नहीं चाहेंगे की भारत की सेना मजबूत हो

अबतक शक सिर्फ चीन और पाकिस्तान पर ही था, पर असल में उस से ज्यादा शक रूस पर होना चाहिए, लोगो में ये धारणा है की रूस भारत का मित्र है

ऐसे लोग इमोशनल है, सच ये है की दुनिया में कोई किसी का मित्र नहीं है, सब अपने फायदे को देखते है, रूस तो चीन के साथ ज्यादा व्यापार करता है

रूस इकॉनमी के मामले में कोई बड़ा देश नहीं है, रूस की पूरी इकॉनमी ही चलती है हथियार के खरीद फरोख्त पर, और भारत उसका सबसे बड़ा पार्टनर है हथियार के मामले में

भारत को रूस इस्तेमाल करता है अपने हथियार बेचने के लिए, भारत की पूरी वायु सेना जैसे रुसी हथियारों से ही चलती है, चाहे वो MIG-21 हो, सुखोई हो, अधिकतर लड़ाकू विमान भारत रूस से ही खरीदता आया है, ब्रह्मोस मिसाइल हो, और भी बहुत कुछ, एयर क्राफ्ट कैरीयर भी रूस से लिया गया है

आपको कुछ महत्व्यपूर्ण चीज बताते है, साल 2018 में राहुल गाँधी ने राफेल पर हंगामा मचाना शुरू किया था जो आज भी बिना सबूत और टोटल झूठ के सहारे जारी है

साल 2018 में राहुल गाँधी की माँ सोनिया गाँधी रूस की यात्रा पर भी गयी थी, रूस की गुप्त यात्रा पर, और सोनिया उस यात्रा में भारतीय सुरक्षा अधिकारी भी नहीं ले गयी थी, वो गुप्त यात्रा पर थी

अगस्त सितम्बर के बीच में सोनिया गाँधी ने रूस की सीक्रेट यात्रा की थी, इस यात्रा पर सोनिया किस किस से मिली इसकी कोई जानकारी किसी के पास नहीं है

पर ये एक तथ्य है की सोनिया गाँधी पर शादी से पहले रुसी ख़ुफ़िया एजेंसी KGB के लिए काम करने का आरोप भी लगता रहा है

इसके अलावा हम आपको एक और तथ्य बताते है – पिछले ही दिनों मोदी सरकार ने रूस के साथ S-400 मिसाइल की डील की थी, ये डील भी बहुत बड़ी थी और 40 हज़ार करोड़ रुपए की थी, और इस डील पर कांग्रेस और राहुल गाँधी ने 1 भी शब्द नहीं बोला है

राहुल गाँधी राफेल पर तो बहुत बोलते है, पर रूस के साथ हथियारों की किसी भी डील पर उन्होंने नहीं बोला है, दूसरी तरफ सोनिया की गुप्त रूस यात्रा

साफ़ ये समझ में आता है की रूस राफेल डील से नाराज है, और KGB में काम कर चुकी सोनिया का इस्तेमाल कर रहा है, राहुल गाँधी पागलपन की हद तक राफेल डील पर हंगामा मचा रहे है, वो इस डील को कैंसिल, रद्द करवा देने पर अमादा है, और ये रूस की चाह है

असल बात ये है की रूस नहीं चाहता की भारत जैसा बड़ा देश उसके हाथों से निकले, रूस चाहता है की भारत उसके हथियार खरीदता रहे और उसे मोटा माल मिलता रहे जिसके सहारे उसकी इकॉनमी चले

दोस्ती वोस्ती कुछ नहीं होती, भारत ने अमेरिका के साथ हथियारों का सौदा शुरू कर दिया तो रूस ने पाकिस्तान के साथ भी मिलिट्री एक्सरसाइज की थी, ताकि भारत पर दबाव बना सके

रूस चाहता है की भारत लड़ाकू विमान ख़रीदे तो उस से ही ख़रीदे, उसके ही सुखोई के कई मॉडल है, भारत की सेना हमेशा से रूस पर निर्भर रही है तो आगे भी रूस पर ही निर्भर रहे, दूसरी तरफ राफेल फ़्रांस का विमान है, और फ़्रांस ब्रिटन जर्मनी के साथ रूस के अच्छे सम्बन्ध नहीं है

रूस नहीं चाहता की फ़्रांस मजबूत हो उसके यहाँ अच्छा पैसा जाये, साथ ही रूस ये भी चाहता है की भारत उसी पर निर्भर रहे, राफेल की जगह उसका कोई विमान ख़रीदे, तभी राहुल गाँधी की माँ रूस में गुप्त यात्रा करती है, दूसरी तरफ राहुल गाँधी रूस के साथ हजारों करोड़ के हथियार डील पर 1 शब्द भी नहीं बोलते