Press "Enter" to skip to content

झूठ न कहो की आतंक का कोई मजहब नहीं होता, आतंक का मजहब होता है : तसलीमा नसरीन

हमे सपोर्ट करें, इसे शेयर करें
  • 2.9K
    Shares

जिस आतंकी ने पुलवामा हमले को अंजाम दिया था उसका नाम था मोहम्मद आदिल जिसने हमले से पहले 1 विडियो भी बनाया था जिसमे उसने साफ़ तौर पर इस्लाम और अल्लाह शब्द का प्रयोग दर्जनों बार किया था

पर आतंकी हमले के बाद फिर से वो लोग एक्टिव हो गए जो की फर्जी डाइलोग मारकर आम लोगो को गुमराह करते है, और इनका घिसा पीटा डाइलोग है की आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता

और 1 पाकिस्तान परस्त कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने तो पाकिस्तान के हर अपराध को क्लीन चिट देते हुए कह डाला की आतंकवाद का कोई देश भी नहीं होता, पाकिस्तान को गाली मत दो

ऐसे तमाम लोग असल में आतंकवाद के साथी, आतंकवाद के संरक्षक है, जो की हर आतंकी हमले के बाद इसी तरह के डाइलोग लेकर आतंकियों को बचाने की कोशिश करते है

पर तसलीमा नसरीन ने ऐसे ही लोगो को जोरदार तमाचा जड़ा है, वो अच्छे से जानती है की आतंकवाद का मजहब होता है या नहीं क्यूंकि उन्होंने अपनी आँखों से बहुत सारी चीजों को बांग्लादेश में देखा है

तसलीमा ने आतंकवाद परस्तो को करारा तमाचा मारा और कहा की – ऐसा मत कहो की आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता, असल में मजहब से ही आतंकवाद का बहुत कुछ लेना देना होता है

अब आतंकी खुद ही अपना मजहब बताते है, खुद ही मजहबी नारे लगाकर आतंकी हमले करते है, जबकि उनके संरक्षक आकर लोगो को ये डाइलोग मारते है की आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता, और अब कुछ आतंक संरक्षक तो आतंकवाद का कोई देश नहीं होता वाला डाइलोग भी मारने लग गए है

Comments are closed.