This is how momta stops BJP rallies in Bengal
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फर्जी रिपोर्ट बनवाती है मोमता, लिख दो – रैली से होगा दंगा, इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती

सरकारी अफसरों से फर्जी ख़ुफ़िया रिपोर्ट बनवाती है मोमता, और उसके आधार पर करवा देती है बीजेपी की रैलियों को रद्द

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बंगाल की मुख्यमंत्री मोमता बनर्जी मुख्यमंत्री के पद का जमकर गलत इस्तेमाल करती है, और इसी कारण बंगला में मोमता बनर्जी के राज को अब लोग भी तानाशाही कहने लगे है

मोमता की तानाशाही इतनी बढ़ गयी की लोग बीजेपी को पसंद करने लगे है और इस से मोमता और ज्यादा तानाशाही भरे पैंतरे अजमा रही है और जमकर मुख्यमंत्री की ताकतों का गलत इस्तेमाल कर रही है

आप जानते ही है की मोमता बनर्जी बीजेपी के बंगाल में बढ़ते ग्राफ से बहुत बहुख्लाई हुई है, और इसी का नतीजा ये है की पहले बीजेपी के नेताओं को रैली करने की अनुमति दे दी जाती है

बीजेपी के नेता कार्यक्रम बना लेते है, बोर्ड, बैनर लगा देते है, पर ऐन वक्त पर मोमता का प्रशासन कार्यक्रम की अनुमति को रद्द कर देता है और ऐसा इसलिए भी किया जाता है की बीजेपी वाले अदालत न जा सके, इसी कारण कार्यक्रम से 1 दिन पहले अनुमति को रद्द किया जाता है

अब किसी कार्यक्रम को रद्द क्यों करना पड़ा इसके लिए एक रिपोर्ट भी बनानी पड़ती है, और मोमता यहाँ पर मुख्यमंत्री के पद का जबरजस्त तरीके से गलत इस्तेमाल करती है

इंडिया टुडे नामक बेहद सेक्युलर न्यूज़ संसथान ने एक स्टिंग किया है और इस स्टिंग के बाद कई जानकारियां निकल कर सामने आई है

सीधा मोमता बनर्जी का दखल होता है, वो स्थानीय प्रशासन से बीजेपी नेताओं के कार्यक्रम को रद्द करवाती है और अफसरों को आदेश भी दिए जाते है की इसके पीछे क्या वजह लिखनी है

मोमता बनर्जी अफसरों से फर्जी ख़ुफ़िया रिपोर्ट बनवाती है, आदेश होता है की लिख दो की – “ख़ुफ़िया रिपोर्ट है की अगर यहाँ रैली हुई तो कानून व्यवस्था ख़राब हो जायेगा, माओवादी हमला हो जायेगा, दंगा हो जायेगा”

ख़ुफ़िया रिपोर्ट के नाम पर मोमता बनर्जी अलग अलग कारण लिखवाती है और बीजेपी के कार्यक्रम को इस तरह रद्द कर दिया जाता है, ये फर्जी रिपोर्ट “ख़ुफ़िया रिपोर्ट” करके बनाई जाती है ताकि अदालतों में भी टिक सके, और इस तरह मोमता बनर्जी बंगाल में विपक्ष के नेताओं को बोलने और रैली करने की इज़ाज़त को रद्द करवाकर लोकतंत्र की रोजाना ही हत्या करती है