Why momta gone mad over Modi
Why momta gone mad over Modi
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बंगाल में लीड बना चुके है मोदी, इसी कारण मोमता खो चुकी मानसिक संतुलन, CM भी नहीं रहेगी

मोमता तो इतनी डर गयी की आयुष्मान योजना भी बंद करवा दी, क्यूंकि गरीब करवा रहे थे बहुत सस्ता इलाज

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मोमता बनर्जी कोई पागल नेता नहीं है, हां इन दिनों वो बौखलाई हुई है, और बौखलाहट का स्तर इतना हो चूका है की मोमता बनर्जी तानाशाही पर उतर आई है

पर ये तानाशाही टिकेगी नहीं, उतर जाएगी कुछ दिनों में, मोमता की बौखलाहट का असल कारण ये है की कहाँ वो सोचे बैठी थी की अगर 42 लोकसभा में फिर से 35 से ज्यादा ले आई, वहीँ केंद्र मे कांग्रेस की सरकार बनी तो मोटा मोल भाव करेगी

पर स्तिथि तो ये हो गयी की अब केंद्र तो छोड़ो खुद मोमता का मुख्यमंत्री पद ही डोलने लगा है, और इसका कारण भी आपको समझ लेना चाहिए

असल में नरेंद्र मोदी अर्थात बीजेपी बंगाल में जमीन को पकड़ चुकी है, यहाँ पर वामपंथी वोट ख़त्म हो चूका है, कांग्रेस भी ख़त्म हो चुकी है, सिर्फ मुस्लिम वोट है जो मोमता के पास है, पर 70% हिन्दू भी है, वो बड़े पैमने पर बीजेपी की तरफ खिसक चुके है

लोकसभा 2014 के चुनाव में मोमता बनर्जी को 44% वोट मिले थे, आंकड़े के अनुसार मोमता को बंगाल में 2 करोड़ वोट मिले थे, जबकि बीजेपी को यहाँ 16% वोट मिले थे, बीजेपी के लिए ये बड़ी चीज थी, बंगाल में उसे इतने वोट कभी नहीं मिले, बीजेपी को 74 लाख बंगालियों ने वोट दिया था

मोमता के पास बीजेपी से तिगुने वोट थे, पर उसके बाद मोदी की सरकार बनी और इस सरकार ने बंगाल में भी काम शुरू किया

बंगाल में मोदी ने अबतक 72 लाख लोगो को गैस का सिलिंडर दिया है, 72 लाख में टोटल 72 लाख मोदी को फिर भी वोट नहीं देंगे पर बहुत सारे लोग देंगे, जिसमे मोमता के भी वोटर शामिल है

इसके अलावा मोदी ने 7 लाख 32 हज़ार लोगो को मुफ्त बिजली का कनेक्शन भी दिया है, और इनमे भी अधिकतर लोग मोदी को वोट देंगे

इसके अलावा बंगाल में मोदी ने 50 लाख लोगो को टॉयलेट भी दिया है, बंगाल में बाहर जाने वाली महिलाओं में खौफ रहता था, खासकर हिन्दू महिलाओं में, बंगाल में कट्टरपंथी अटैक के मामले बहुत थे, पर मोदी ने बड़े पैमाने पर टॉयलेट बनवाए है, और इस से बंगाल में हिन्दुओ में मोदी के प्रति विश्वास जाग चूका है

मोमता के 2 करोड़ वोट में मोदी ने बड़े पैमाने पर सेंधमारी कर दी है, पहले से मोदी के पास 74 लाख वोट थे, मोदी के वोट कम नहीं होंगे, क्यूंकि बंगाल में बीजेपी के खिलाफ anti incumbency नहीं है, क्यूंकि स्थानीय शासन तो मोमता के पास है, anti incumbency भी मोमता के ही खिलाफ है

और इसी कारण अमित शाह पहले बंगाल में 22 सीटों पर लीड की बात कर रहे थे, 7 फ़रवरी को उन्होंने 23 सीट बता दिया, कुल 42 सीट है, यानि बीजेपी 50% से ज्यादा सीटों पर लीड बना चुकी है, तो अब मोमता का लोकसभा और कांग्रेस की सरकार बनने की सूरत में मोलभाव वाला खेल तो गया, बात तो अब अगले विधानसभा में मोमता के खुद के CM की कुर्सी पर ही आ चुकी है, और इसी कारण इन दिनों मोमता का मानसिक संतुलन हिला हुआ सा है