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सरदेसाई की दोगलई फिर आई सामने, बेहद जहरीला और मानसिक विकृत व्यक्ति, लोग भी हैरान

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राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार निष्पक्ष पत्रकारिता करते तो आज भारत में पत्रकारों और मीडिया को लेकर जनता के मन में इतना आक्रोश नहीं होता

राजदीप सरदेसाई कदाचित डीएनए से ही एक बेहद दोगलई किस्म का व्यक्ति है, इसी कारण उसे कई स्थानों पर जनता के गुस्से का भी सामना करना पड़ा है

पर इसके बाबजूद वो सुधरता ही नहीं क्यूंकि वो डीएनए से ही ऐसा हो चूका है

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 14 मार्च को एक फूट ओवर ब्रिज दुर्घटना हुई थी, ये दुर्घटना बेहद दुखद है और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए

पहले आप देखिये इस दुर्घटना पर राजदीप सरदेसाई ने किस प्रकार अपनी राय रखी

राजदीप सरदेसाई काफी भड़का हुआ है और कह रहा है की सब राम भरोसे चल रहा है, सभी नागरिको को अब इसके खिलाफ आन्दोलन करने की जरुरत है

ब्रिज गिरा तो राजदीप सरदेसाई काफी आक्रोशित हुआ, वैसे आक्रोशित होना भी चाहिए

ये घटना महाराष्ट्र की थी जहाँ पर बीजेपी की सरकार थी, पर इस से भी बड़ी दुर्घटना बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी हुई थी, तब देखिये राजदीप सरदेसाई ने क्या कहा था

तब राजदीप सरदेसाई ने कहा था की – मैं जो मर गए है उनके लिए प्रार्थना करता हूँ

तब राजदीप सरदेसाई आक्रोशित नहीं हो रहा था, तब ये पब्लिक को आन्दोलन करने के लिए नहीं कह रहा था, क्यूंकि घटना बंगाल की थी जहाँ मोमता बनर्जी की सेक्युलर सरकार है

महाराष्ट्र में घटना हो तो गुस्सा पर बंगाल में घटना हो तो दूसरा ही रूप, राज्यों के हिसाब से, राज्यों में सरकारों के हिसाब से राजदीप सरदेसाई तय करता है की इसे प्रार्थना करनी है या आन्दोलन की मांग, इस से ज्यादा शर्मनाक क्या होगा की ये शख्स खुद को निष्पक्ष पत्रकार कहता है

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