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आतंकियों के पैरोकार प्रशांत भूषण को वकालत का “व” नहीं पता, लाइसेंस रद्द करवाने के लिए चलनी चाहिए मुहीम वकीलों ने भी कहा की - प्रशांत भूषण का लाइसेंस रद्द करवाने की है जरुरत, वकालत के नाम पर है एक बड़ा कलंक

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आतंकवादियों, रोहिंग्या घुसबैठियों, देशद्रोहियों के पक्ष में हमेशा रहने वाले प्रशांत भूषण की पहचान ये है की ये देश का एक बड़ा वकील है

पर प्रशांत भूषण को कदाचित वकालत का बेसिक ज्ञान ही नहीं है

असल में इसके पिता भी वकील थे, और ये भी वकील है, अब ये असल का वकील है या फिर दलाली का कार्य करता है इसकी तो जांच की सख्त जरुरत है क्यूंकि इस शख्स को वकालत का “व” भी शायद नहीं पता

कानून का बेसिक ही ये है की कोई भी शख्स तबतक दोषी नहीं होता जबतक उसे अदालत से दोषी न ठहरा दिया जाये

किसी आरोपी को आप दोषी नहीं बता सकते, अदालत ही तय कर सकती है की वो दोषी है या नहीं, ये ही कानून का सबसे बेसिक सिद्धांत है

पर इस सिद्धांत के बारे में आतंकियों  के पैरोकार प्रशांत भूषण को नहीं पता

साध्वी प्रज्ञा को भारतीय जनता पार्टी ने अपना लोकसभा का उम्मीदवार बनाया है, इसपर प्रशांत भूषण ने कहा की – बीजेपी एक आतंकवादी को उम्मीदवार बना रही है

आपकी जानकारी के लिए बता दें की साध्वी प्रज्ञा को किसी भी अदालत ने आतंकवादी घोषित नहीं किया, जिस कांग्रेस की सरकार ने इन्हें गिरफ्तार किया था, वो सरकार भी कई कई साल तक इनको जेल में रखने के बाबजूद 1 भी सबूत अदालत में नहीं पेश कर सकी

साध्वी प्रज्ञा “आरोपी” है न की वो एक “दोषी” है, पर प्रशांत भूषण जो खुद में ही जज बन बैठा है इसने साध्वी प्रज्ञा को आतंकवादी कह दिया

ये एक कथित वकील है जिसे कानून का बेसिक सिद्धांत ही नहीं पता, ये असल में वकील भी है या नहीं इसकी जांच की सख्त जरुरत है, और जबतक ये जांच नहीं हो जाती इसके लाइसेंस को ससपेंड रखने की जरुरत है

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