कभी गुरुद्वारा हुआ करती थी ये मजार, सिखों को भगा दिया और गुरुद्वारा को बना दिया मजार

सिर्फ हिन्दुओ के ही नहीं बल्कि सिखों के धार्मिक स्थलों को भी मस्जिदों और मजारों में बदला जा रहा है, ताजा मामला अब सामने आ चूका है जहाँ एक गुरूद्वारे को मजार बना दिया गया है, लाहौर में गुरुद्वारा लाल खूही अब एक मजार बन चुकी है, इसकी सोशल मीडिया पर ताजा तस्वीरें सामने आई है जिसमे गुरुद्वरा मजार बना दिख रहा है

लाहौर में गुरुद्वारा था जिसे लाल खूही गुरुद्वारा कहा जाता था, लाल खूही का मतलब था खून का कुंवा, ये गुरुद्वारा बड़ा ऐतहासिक था, ये उस जगह पर बनाया गया था जहाँ पर सिख धर्म के पांचवे गुरु अर्जन देव को जेल में रखा गया था

मुग़ल आक्रान्ता जहाँगीर के समय में इस जगह पर उसके एक दीवान की हवेली हुआ करती थी, गुरु अर्जन देव को यहीं पर रखा गया था, यहाँ के कुंवे से ही अर्जन देव पानी निकाल कर पिया करते थे, इसी कारण इसका जल सिखों के लिए अमृत के सामान माना जाता था

अब इसी गुरूद्वारे को एक मजार बना दिया गया, इस्लामाबाद के एक बुद्धिजीवी हारून खालिद ने भी स्वीकार कर लिया है की गुरुद्वरा लाल खूही को अब एक मजार बना ड़ुआ गया है, इस मजार का नाम “हक़ चार यार मजार” कर दिया गया है

बंटवारे से पहले इस इलाके में सिख और हिन्दुओ की आबादी थी, पर बंटवारे के समय सिखों और हिन्दुओ को भगा दिया गया, और अंततः अब इस्लामिक चरम्पन्तियों ने ऐतहासिक गुरूद्वारे को मजार बना दिया है, कट्टरपंथी काफी दिनों से इस गुरूद्वारे के पीछे पड़े हुए थे

हारून खालिद के अलावा पाकिस्तान के एक इतिहासकार माजिद शेख ने भी कहा है की इस जगह पर मजार नहीं थी, यहाँ पर गुरुद्वारा ही था, जिसे अब मजार बना दिया गया है

बता दें की नेहरु, जिन्नाह, गाँधी इत्यादि द्वारा किये गए बंटवारे के बाद लाहौर और अन्य शहरों से बड़े पैमाने पर हिन्दुओ और सिखों को भगा दिया गया, पर गुरूद्वारे और मंदिर वहीँ के वहीँ रह गए, अब अधिकतर मंदिरों और गुरुद्वारों को तोड़कर कुछ और ही बना दिया गया है, और इस कड़ी में गुरुद्वारा लाल खूही भी जुड़ गया है