मानसी को मुज़म्मिल ने मार दिया, ख़ुशी को अशरफ ने, क्या मरने के लिए ही पैदा हो रही हिन्दू लड़कियां !

जिस रफ़्तार से रोजाना लव जिहाद, रेप जिहाद, हिन्दू युवतियों की हत्या, अपहरण, धर्मांतरण की घटनाएं सामने आती है, अगर इस देश का समाज मरा हुआ न होता तो ये मुद्दा राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा होता

पर समाज को जैसे बेटियों की पड़ी ही नहीं है, महाराष्ट्र में 1 जैसी ही 2 घटनाएं सामने आ गयी, 2 अलग अलग मामलों में हिन्दू युवतियों को मुस्लिम युवको ने मौत के घाट उतार दिया

पहली घटना मुंबई में घटी थी जहाँ पर 20 साल की एक हिन्दू युवती मानसी दीक्षित को जो की मॉडलिंग में अपना करियर बनाना चाहती थी उसे सयेद मुज़म्मिल ने बर्बरता से मौत के घाट उतार दिया और उसके शव को सूटकेस में भरकर फेंक दिया

वहीँ दूसरी घटना इसी महिला जुलाई में नागपुर में घटित हुई है जहाँ 19 साला की हिन्दू युवती ख़ुशी परिहार को अशरफ शेख नाम के मुस्लिम युवक ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया, ख़ुशी परिहार भी मॉडलिंग में अपना करियर बनाना चाहती थी

ये सिर्फ 2 घटनाएं नहीं हुई, रोजाना ही लव जिहाद, रेप जिहाद, धर्मांतरण, बलात्कार और हत्या की घटनाएं सामने आ रही है और शिकार हिन्दू लड़कियां ही बन रही है

आखिर समाज इन मामलो पर कबतक चुप्पी साधकर रहेगा, समाज किस बात का इंतज़ार कर रहा है, और कितनी ख़ुशी परिहार, मानसी दीक्षित मारी जाएँगी !

एक तरफ मजहबी उन्मादी एक चोर एक अपराधी तबरेज़ के लिए पुरे देश में आवाज उठाने लगते है वहीँ दूसरी ओर एक के बाद एक हिन्दू युवतियां इतिहास बनती जा रही है जिसपर समाज मौन है, समाज को अपनी चुप्पी अब तोडनी होगी, और बेटियों की बलि चढ़ने नहीं दी जा सकती